उदयपुर जिले के भौगोलिक एवं प्राकृतिक परिस्थितियाँ, सामाजिक एवं सांस्कृतिक भिन्नताएँ राजस्थान के पर्यटन विकास में अपनी अहम भूमिका बयान करती है। यहाँ के ग्रामीण क्षेत्र अपनी लोक कलाओं, लोक नृत्य और हस्तशिल्प के लिए विश्व विख्यात है। यहाँ की ऐतिहासिक व सांस्कृतिक विरासत और खुला हुआ प्राकृतिक वातावरण, सुंदर दूर-दूर तक फैली पहाड़ियाँ, राजस्थान के अन्य क्षेत्रों से सबसे पहले पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। प्राप्त आंकड़ों से ज्ञात होता है कि राजस्थान में पर्यटकों की संख्या 84ः प्रतिवर्ष की दर से बढ़ रही है। जिसमें उदयपुर जिले का स्थान सर्वोपरि है। आगामी पंचवर्षीय योजना में विश्व पर्यटन की दृष्टि नवीनतम सुविधाओं एवं स्थानीय आकर्षण के कारण भारतीय पर्यटन में लगभग 10ः वृद्धि होने की आशा है जिसमें राजस्थान का मुख्य योगदान रहेगा। ग्रामीण पर्यटन के विकास के लिए सबसे जरूरी ग्रामीणों के बीच जागरूकता को बढ़ाना वह देश-विदेश में ग्रामीण पर्यटन की कुशल विपणन रणनीति तैयार करना है। इसके आलेखित गाँव में स्थानीय आधारभूत, भौतिक व तकनीकी सुविधाओं को बढ़ाकर ग्रामीण जीवन स्तर पर विशेष प्रभाव डाला जा सकता है। इस समीक्षा पत्र का उद्देश्य यह अ/ययन करना है कि पर्यटन विकास ने उदयपुर जिले के साथ-साथ संपूर्ण राजस्थान के ग्रामीण विकास में किस प्रकार योगदान दिया है। इस अ/ययन में विभिन्न पहलुओं पर /यान केंद्रित किया गया है जैसे पर्यटन के द्वारा ग्रामीण रोजगार के अवसरों का सृजन, स्थानीय व्यवसायों का विकास और बुनियादी ढांचे में सुधार। पर्यटन राजस्थान के विभिन्न ग्रामीण की पारंपरिक कला, संस्कृति और इतिहास को संरक्षित और प्रसारित करने का एक प्रभावी तरीका भी है। पर्यटन विकास न केवल सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण में सहायक है बल्कि यह जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में विकास और समृद्धि का स्रोत भी बना है।